मैं ऊपर की बर्थ पर बैठा था तो मैंने वहां से कुछ तस्वीरे और एक विडियो बनाई है जिसे आप यहाँ पर देख सकते है ।
कोई ऊपर की बर्थ पर टेड़ा बैठा है, कोई सीट से लटक कर बैठा है बहुत ही अजीब और बुरे हाल मे लोग जनरल बोगी मे सफर कर रहे हैं, ९० सीट और ८ बर्थ की बोगी मे ४०० से ५०० लोग सफर करते हैं, यह गाड़ी तो लखनऊ और पटना जा रही थी इसलिए इसमे भीड़ कम थी आप ज़रा पंजाब, बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात के शहरों जैसे ; मुंबई, पुणे, लुधियाना, अमृतसर, हावडा, कोलकाता, अहमदाबाद, आदि शहरों मे जाने वाली ट्रेनों की हालत देखिये ; बैठने की तो क्या खड़े होने की जगह नही होती है लोग दरवाज़े के ऊपर गमछा बाँध कर बैठे मिल जायेंगे लोग दरवाज़े, पायदान और शौचालय मे बैठकर सफर करते हैं ।
और इन बोगियौं के शौचाल्यौं के क्या कहने ; किसी मे नल नही है, तो किसी मे दरवाजा ही नही है और जनरल बोगी के अन्दर आपको एक चीज़ कभी नही मिलेगी और वो है "पानी"। पता नही की इन डिब्बो मे पानी भरते भी है या नही जिस गाड़ी मे मैंने सफर किया था वो मथुरा से चली थी और मैं आगरा कैंट से इसमे बैठा हूँ और इसके अन्दर पानी नही था ऐसा तो हो ही नही सकता की इन्होने उसमे पानी भरा हो और वो मथुरा से आगरा तक आने मे ख़त्म हो गया हो॥
हर जनरल ट्रेन और जनरल बोगी की यही हालत है, कभी भी आपको उसमे सफाई नही मिलेगी, दो पंखो मे से एक मौजूद होगा, अगर दो होंगे तो एक चलेगा, उसका बटन नही होगा, आप बहुत नसीब वाले होंगे अगर आपको दो पंखें मिले और दोनों चालू हालत मे हो, सबसे बड़ी कमी है रखरखाव की, अच्छी तरह से खयाल नही रखा जाता है किसी भी चीज़ का, यह हमारे देश की सबसे बड़ी कमी है ।
कुछ कमियाँ हमारी भी हैं इन चीजों का इस्तेमाल हम करते है लेकिन इस्तेमाल करते वक्त हम यह भूल जाते हैं की यह हमारी मेहनत की कमाई के एक हिस्से से बनाई गई चीज़ है, अगर ख्याल हम अपने दिल मे पैदा कर ले और इन चीजों को अपनी चीजों की तरह इस्तेमाल करें तो शायद यह चीज़ें इतनी जल्दी ख़राब न हो ।
जनरल बोगी का नज़ारा - १
जनरल बोगी का नज़ारा - २
जनरल बोगी का नज़ारा - ३
जनरल बोगी का नज़ारा - ४