मंगलवार, 22 अप्रैल 2008

हॉकी मे सौदेबाजी

हमारे हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी कमी वो है करप्शन जो बरसों से चला आ रहा हैं और पता नहीं कब तक चलेगा । यहाँ जो काम कोई नहीं कर सकता है वो पैसा कर सकता है । मेरी समझ मे नहीं आता है के लोगो ने पैसे को अपना भगवान् बना रखा है अरे यार ईमान भी तो कुछ होता है या नही ।
मैं मानता हूँ की क्रिकेट के आगे इंडिया मे लोगो ने हॉकी को भुला दिया हैं लेकिन इसका मतलब ये नही हैं की आप हॉकी को बेच देंगे यह हम नहीं होने देंगे । अरे किसी चीज़ को तो छोड़ो ।
मैं हॉकी को बेचने वाले उस शख्स से यह पूछना चाहता हूँ की अगर ख़राब खिलाड़ी को तुम खेलने भेजोगे तो हॉकी का क्या, तुमने तो पैसे लेकर उसको भेज दिया लेकिन उसको भेजने के लिए तुम्हे एक अच्छे खिलाड़ी को निकालना पड़ेगा तो उस खिलाड़ी का क्या होगा कभी सोचा है, उसके दिल पर क्या गुजरेगी और जब उस ख़राब खिलाड़ी की वजह से हमारी हार होगी तो इस देश के १.२० अरब लोगो के दिल पर क्या गुजरेगी इसका जवाब है उस ज्योतिकुमारन के पास ।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

आपके टिप्पणी करने से उत्साह बढता है

प्रतिक्रिया, आलोचना, सुझाव,बधाई, सब सादर आमंत्रित है.......

काशिफ आरिफ

Related Posts with Thumbnails