मैं इस विषय पर काफ़ी दिनो से लिखना चाहता था लेकिन हर बार मसरुफ़ियत की वजह से रह जाता था लेकिन कल एक दिन मे मैनें इस विषय और इससे मिलते जुलते विषय पर पांच लेख पढें। वो लेख इस प्रकार है:-
धर्म, जात - पात को एक तरफ़ रख कर हिन्दुस्तान को एक सूत्र के पिरोने की कोशिश....