भगवान का शाब्दिक अर्थ है :- पति यानी के शौहर
भगवान दो शब्दों से बना है (भग+वान) भग से तात्पर्य स्त्री का जनन अंग, और वान से तात्पर्य उसको रखने वाला मतलब उसका पति ठीक उसी तरह जैसे बलवान (बल+वान) का अर्थ बल को रखने वाला है ।
मैंने अपनी काम विकृत अश्लील बुद्धि यहाँ नही चलायी है, मैंने वही लिखा है जो मुझे पता लगा और मेरी नज़र में सही है।
हाँ यह बात सही है की यह मेरी भी शंका थी लेकिन यह शंका उस शख्स के सवाल के बाद ही पैदा हुई थी। और जब से मुझे इस बारे में पता लगा है मैंने ईश्वर के हर अवतार को भगवान कहना बंद कर दिया है कोई और यकीन करे या नही लेकिन मैं करता हूँ।
मैं झूठ बोलने में यकीन नही रखता हूँ मैंने कोई कहानी नही सुनाई है मैं उस शख्स का ईमेल एड्रेस आपको दे सकता हूँ उससे आप ख़ुद बात कर सकते है!
जय हिंद !
