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गुरुवार, 1 अक्टूबर 2009

नवरात्रों में देवी के भेंट चढें मेरे साथ २००-२५० लैंडलाईन कनेक्शन... 200-250 Landline Connection Was Destroyed On Navratra

(वैधानिक चेतावनी :- ये लेख मैं लिखता नही लेकिन सुरेश चिपलूनकर जी के एक लेख के वजह से मुझे ये लिखना पड रहा है। ये लेख कोई साम्प्रदायिक्ता बढाने वाला लेख नही है. मैं इस लेख के माध्यम से लोगों के दिमाग पर पडी मिट्टी हटाना चाहता हूं )

इस साल १९ सितम्बर से नवरात्रे शुरु हुऐ थे.....२१ सितम्बर हो ईद थी। मैं आगरा के नाई की मण्डी श्रेत्र में रहता हूं और नाई की मण्डी में बी.एस.एन.एल की फ़ोन लाईन आगरा फ़ोर्ट और बिजलीघर की तरफ़ से आती है। ये लाईन बिजलीघर से चल कर मंटोला होती हुई सदर भट्टी होती हुई सीधे नालबंद चौराहे को निकल जाती है।

हर साल तीसरे या चौथे नवरात्रे को सदरभटटी चौराहे के पास खोजा हवेली पर पंडाल लगाकर पुरा रास्ता बंद कर दिया जाता है और वहां देवी की पुजा की जाती है और आजतक किसी ने इस पर ऐतराज़ नही किया हालंकि इससे जुता कारीगरों और व्यापारियों को परेशानी होती उनको बहुत घुम कर हींग की मण्डी जाना पडता है लेकिन ये बात सिर्फ़ एक-दो दिन की होती है इसलिये कोई कुछ नही कहता है।


शनिवार, 8 अगस्त 2009

अल्लाह, इस्लाम, कुरआन और मुसलमानों को गरियातें हिन्दी ब्लोग्गर...!!! Hindi Blogger's Abusing Allah, Islam, Qur-an And Muslim's

पिछ्ले ७-८ दिन से स्वच्छ सन्देश: हिन्दुस्तान की आवाज पर कुछ धर्मों के मुताल्लिक बह्स हो रही है जिसमें ये प्रथा होनी चाहिये या नही, वो होनी चाहिये या नही। मैं भी इस बहस में शामिल था क्यौंकि थोडी बहुत जानकारी इस नाचीज़ को भी है। बह्स सही चल रही थी लेकिन अचानक एक हिन्दी ब्लोग्गर ने अभ्रद भाषा का इस्तेमाल शुरु कर दिया और उसकी देखा देखी और लोग भी शुरु हो गये।

ये लोग कुरआन को बकवास करार दे रहे है, मुह्म्मद साहब को सबसे बडा गुनहगार बता रहे है और भी बहुत कुछ कहा है उन लोगो ने...जिससे मुझे बहुत तकलीफ़ पहुंची है.......

रविवार, 10 मई 2009

यह क्या है ?

''भारत माता की जय सुनिश्चित करें!'' -आडवाणी

''भारत का निर्माण करें ,विभाजन की शक्तियों को पराजित करें''- आडवाणी

''हिंदू हितों की पोषक बने राजनीती ,हिंदू अस्मिता की रक्षा करने वाली सत्ता बने !'' - R.S.S

चुनाव अब अपने अन्तिम चरणों में प्रवेश कर रहे है । मतदान क्षेत्रो के एक और हिस्से में वोट डाले जायेंगे। मतदाता अपनी -अपनी पार्टिया चुनने में लगे हुए है ।
लेकिन इन सारी गतिविधियों के बीच एक पार्टी ऐसी भी है जो तय नही कर पा रही है कि आखिर वोटरों से क्या कहा जाए! अब तक मीडिया और अखबारों में साम्प्रदायिकता के जहरीले प्रचार और व्यक्तिगत चरित्र हनन ,वह भी अत्यन्त ही निम्न स्तर पर उतरकर, के अलावा भाजपा वोटरों से कुछ भी नही कह पाई है ।
ऊपर उल्लिखित नारों से पता चलता है कि भाजपा और उसका निर्देशक R.S.S अनिश्चितता और भयंकर दुविधा के दौर से गुजर रहे हैये दिलचस्प नारे और्गेनाइज़र और पांचजन्य के 12 और 19 अप्रैल के अंको में प्रकाशित किए गए है
आखिर ये नारे क्या दर्शाते है ?जब भाजपा ने अपना चुनाव शोषण पत्र जारी किया था और कई व्यक्तव्यप्रसारित किए थे तो उसे इस बात का कतई अंदाज नही था कि लोग इतनी तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करेंगे औरउसकी साम्प्रदायिकता का इतने बड़े पैमाने पर विरोध होगा ,खास कर समझदार ,संतुलित और पढ़े लिखे लोगो द्वारा । भाजपा और संघ परिवार को लगा कि सांप्रदायिक विभाजन के उनके अभियान के समर्थन में लोग उमडे चले आयेंगे । लेकिन सच्चाई यह है कि ख़ुद वरुण गाँधी को सुप्रीम कोर्ट के सामने यह आश्वाशन देना पड़ा कि वे ''गैर जिम्मेदाराना '' तरीके से सार्वजनिक व्यक्तव्य नही देंगे जिससे कि सांप्रदायिक भावनाएं भड़के । तो कम से कम सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से सारे देश में साम्प्रदायिकता का जो कचरा फैलाया जा रहा था उस पर कुछ तो अंकुश लगाया जा सका है हालाँकि अन्य छद्म तारीको से ऐसा प्रचार जारी है ।
वरुण ने कहा कि उनके टेप फर्जी है और वे नही जानते कि उन्हें किसने बनाया (!) और वे भाषण देने के 12 दिनों बाद दिखाए जा रहे है। लेकिन यह सारा कुछ ग़लत बयानी है । इन विङीयो को तुंरत ही राष्ट्रिय टीवी नेटवर्को पर दिखाया गया ,और उनमें जो कुछ वरुण ने कहा है वह बिल्कुल ही असभ्य भाषा में ज़हरीली साम्प्रदायिकता उगली गई है।
वरुण ने अभी तक यह स्पष्ट नही किया है कि टेपों में प्रकट किए गए विचारों से वे सहमत है या नही और यही है मुख्य प्रश्न है । ओर्गेनाइज़र जैसे अखबारों ने बड़े ही हास्यास्पद तरीके से टेपों में वरुण कि लाइनों का अपना अर्थ पेश किया है यह दिखाते हुए कि उनके कहने का अर्थ ''यह नही वह था'' ! टेपों के बाद दिए गए कई व्यक्तव्यों और भाषणों में वे अपने सांप्रदायिक विचारों कि पुष्टि करते है जिनसे साबित होता है कि उनके और उनकी पार्टी के यही विचार है ।

-अनिल राजिमवाले
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